इटली का वुहान कहे जाने वाले लोम्बार्डी के डॉक्टर कह रहे- मरीजों के फेफड़ों से कागज सिकुड़ने जैसी आवाज आती है

इटली में कोरोनावायरस से 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान चुकी है। सबसे ज्यादा मौतें लोम्बार्डी क्षेत्र में हुई हैं। इसीलिए लोम्बार्डी को इटली का वुहान कहा जा रहा। यहां 20 फरवरी को कोडोग्नो शहर में कोरोना का पहला मरीज मिला था। इसके बाद से क्षेत्र के डॉक्टर, नर्स, पैरामैडिक्स और वॉलिंटियर्स सैनिक की तरह दिन-रात काम कर रहे हैं। घरों में क्वारैंटाइन लोगों ने इनकी मेहनत को समझा और अपनी बालकनी से उनको सराहा और शुक्रिया किया। लोगों ने थक कर टेबल पर सो रही नर्स और मास्क के कारण चेहरे पर चोट के निशान बने कर्मियों की तस्वीरें ऑनलाइन शेयर कीं।


चीन से शुरू हुआ कोरोना बहुत ही कम समय में दुनियाभर में फैल गया। लेकिन इसका शुरुआती असर किसी और देश से ज्यादा इटली ने झेला। यहां संक्रमितों और मौतों का आंकड़ा चीन से भी तेज बढ़ा। मार्च के दूसरे-तीसरे हफ्ते में उत्तरी इटली(लोम्बार्डी और आसपास के इलाके) महामारी का गढ़ बन चुका था। यहां पर सबसे ज्यादा डॉक्टर्स की मौत हुईं। करीब 61 डॉक्टर्स कोविड-19 के चलते अपनी जान गंवा चुके हैं।


फोटोग्राफर एंड्रिया फ्रैजेट्टा ने लोम्बार्डी क्षेत्र में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे कुछ स्वास्थ्यकर्मियों का इंटरव्यू कर उनका हाल जाना। फ्रैजेट्टा मिलान स्थित अपने घर में क्वारैंटाइन हैं। ऑनलाइन शेयर हो रहीं डॉक्टरों की तस्वीरों को देखकर उन्होंने इंटरव्यू का फैसला किया। स्वास्थ कर्मियों ने एंड्रिया से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह वे इस बीमारी का सामना कर रहे हैं।


एंड्रिया फ्रैजेट्टा ने भी अपनी मां को खोया
फोटोग्राफर फ्रैजेट्टा ने अपने माता-पिता से भी घर में ही रहने की अपील की, लेकिन बाकी मिलान वासियों की तरह उन्होंने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया। कुछ दिनों बाद मां की तबियत बिगड़ने लगी। उन्हें बार-बार बुखार आ रहा था और काफी कफ भी था। मां का बुखार लगातार बढ़ता रहा। उन्हें 104 डिग्री बुखार होने के कारण एंबुलेंस से हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां अगले तीन दिन के लिए उन्हें एमरजेंसी रूम में रखा गया। चार दिन बाद डॉक्टर्स ने मान लिया कि, उन्हें नहीं बचाया जा सकता। इसके बाद वे कोमा में चली गईं और उनकी मौत हो गई।


इटली में अंतिम संस्कार पर प्रतिबंध
बढ़ती महामारी के कारण इटली में अंतिम संस्कार पर रोक लगा दी गई है। अपनी मां को खो चुके फ्रैजेट्टा बार-बार फोन कर हॉस्पिटल में अपनी मां के शव को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान फोटोग्राफर उन डॉक्टर्स का भी धन्यवाद कर रहे हैं, जिन्होंने उनकी मां को बचाने की कोशिश की।



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