राजधानी में शुक्रवार को पत्रकाराें के घरों के बाहर होम क्वारैंटाइन का बोर्ड लगाने को लेकर विवाद हो गया। स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने पत्रकारों से कहा कि प्रोफेसर कॉलोनी में रहने वाले पत्रकार को कोरोना पॉजिटिव है। वे 20 मार्च को सीएम हाउस में पत्रकार वार्ता में गए थे। इस दौरान वहां पर मौजूद पत्रकारों को हाेम क्वारैंटाइन किया गया है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टर के निर्देश पर ये बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इस पर पत्रकारों ने तर्क दिया कि उस दिन पत्रकार वार्ता में कई आईएएस और आईपीएस अफसर भी माैजूद थे, उनके घर के बाहर बोर्ड क्यों नहीं लगाया जा रहा है। खुद कलेक्टर भी वहां पर गए थे, फिर उनके घर के बाहर यह बोर्ड क्यों नहीं लगाया गया।
पत्रकार का दावा: कमलनाथ की पीसी में बेटी के साथ नहीं गया था
काेराेना पाॅजिटिव पाए गए पत्रकार ने शुक्रवार को दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की पत्रकार वार्ता में वह बेटी साथ में नहीं गए थे। यह भी दावा किया कि कलेक्टर को यह मैसेज किया था कि वे टेस्ट काे क्राॅस चैक कराना चाहते हैं। कलेक्टर ने एम्स जाने के लिए कहा ताे मैं एंबुलेंस से एम्स पहुंचा। उन्हाेंने यह भी दावा किया है कि उनकी बेटी दाेस्ताें के साथ सीहाेर नहीं गई थी।